म्यूचुअल फंड क्या है इन्वेस्टमेंट,फायदे, नुकसान क्या है ?

दोस्तों आज की इस जानकारी में हम बात करने वाले हैं म्यूचुअल फंड के बारे में काम कैसे करते हैं और म्यूचुअल फंड में कैसे इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। हर कोई चाहता है कि उसका अच्छा इन्वेस्टमेंट हो या फिर उसकी जो सेविंग से वह कहीं अच्छी जगह इन्वेस्ट करके अच्छा रिटर्न पा सके। तो इसीलिए कुछ लोग अपने पैसे को बैंक में रखते हैं और वहां से इंटरेस्ट मिल जाता है।

कुछ लोग अपने पैसे को फिक्स डिपाजिट करवाते हैं या तो कुछ लोग गोल्ड में इन्वेस्ट करते हैं या शेयर मार्केट में दोस्तों कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कंफ्यूज रहते हैं कि अपने पैसे को कहां इन्वेस्ट करें उन लोगों के लिए काफी अच्छा ऑप्शन म्यूचुअल फंड है जिसमें इन्वेस्ट करने के लिए कोई डिमैट अकाउंट खुलवाने की जरूरत भी नहीं होती है।

म्यूचुअल-फंड-क्या-है

दोस्तों म्यूच्यूअल फंड में थोड़ा सा रिस्क तो है लेकिन आप म्यूचुअल फंड में एसआईपी के 500 या 1000 रुपए महीने का इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं, और उसमें कोई ज्यादा रिस्क भी नहीं है और आपको सालाना 10 से 20 परसेंट की ग्रोथ मिल सकती है। चलिए अब हम बात कर लेते हैं म्यूच्यूअल फंड क्या है यह कैसे काम करता है और किस तरह से एसआईपी प्लान के साथ नेचुरल फंड में इन्वेस्टमेंट किया जाता है।

सबसे पहले मैं आपको बता दूं जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है। म्यूचुअल फंड यानी कि आपसी यानी कि म्यूच्यूअल फंड का मतलब है कुछ लोग मिलकर एक फंड हाउस में पैसा दे देते हैं और वह फंड हाउस 1 हाईली क्वालीफाई मैनेजर को अमाउंट कर देता है। उस पैसे को मार्केट में इन्वेस्ट करने के लिए और जब वह फंड मैनेजर मार्केट में फंड को इन्वेस्ट कर देते हैं। और जब उसका रिटर्न आता है प्रॉफिट होता है, तो उसमें से 2 या 2.5 पर्सेंट फीस फंड मैनेजर रख लेता है और आपके पास पूरा का पूरा ट्रांसफर कर दिया जाता है।

म्यूच्यूअल फंड क्या है ?

जिनके पास शेयर मार्केट के बारे में जानकारी नहीं होती है। उन्हें म्यूच्यूअल फंड में इन्वेस्ट करना चाहिए क्योंकि म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने से आपका पैसा एक हाइली प्रोफेशनल लोगों के पास रहता है जो इस फंड को अपने एनालिसिस ज्ञान के आधार पर शेयर मार्केट में लगाते हैं और उनसे अच्छा रिटर्न लेते हैं अच्छा रिटर्न मिलने से आपको भी फायदा मिलता है।

म्यूच्यूअल फंड एक तरह का शेर और ब्रांड में अप्रत्यक्ष निवेश है। कर की संस्था या ट्रस्ट होता है जो अपने यूनिट्स शेयरों की तरह जारी है कि खरीदार लोग म्यूचुअल फंड निवेश है। म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट की रकम को प्रोफेशनल मैनेजर अपने ज्ञान और अनुभव सूझबूझ और एनालिसिस के आधार पर विभिन्न प्रकार के शेयर एवं अन्य प्रतिभूति निवेश करते हैं।

म्यूचुअल फंड में क्या होता है ?

म्यूचुअल फंड निवेश में इसका लाभ यह होता है कि मैचुअल फंड के प्रोफेशनल फंड मैनेजर सभी एकत्रित धन राशि को अपने ज्ञान के आधार पर सबसे अच्छे तरीके से निवेश करते हैं जो बदले में वे कुछ फीस चार्ज लेते। और फायदा होने पर अपना चार्ज काटकर आपको पूरा पैसा दे देते हैं।

म्यूचुअल फंड निवेश में निवेश के लिए फायदेमंद होता है, जिनको स्टॉक मार्केट का अधिक ज्ञान नहीं होता है या फिर उनके पास इतना कम समय नहीं होता है कि वे शेयर में निवेश से पहले पूरा जानकारी रखें इसलिए वे म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर रहे हैं और म्यूचुअल फंड इन दक्षता के अनुसार आगे शेयर मार्केट एवं अन्य प्रतिभूति निवेश में निवेश करते हैं।

म्यूच्यूअल फंड को जो भी लाभांश प्राप्त होता है। वह निवेश में उनके खरीदे गए यूनिवर्स के आधार पर बांट दिए जाते है।

फ्यूचुअल फंड के लाभ

म्यूच्यूअल फंड के अनेक फायदे हैं इसी वजह से अत्यधिक लोकप्रिय है सबसे पहला फायदा है।

  1. प्रोफेशनल मैनेजमेंट की सुविधा– दोस्तों आप जब किसी म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं तो आपके इन्वेस्टमेंट में से कुछ राशि एक्सप्रेसिव ऋषि यों के रूप में काट ले जाते हैं जो 1 से 2% होता है जो बहुत कम होता है इस प्रकार बहुत ही कम खर्चे में पफेशनल मैनेजमेंट की सेवाएं प्राप्त करते हैं। म्यूच्यूअल फंड के इस कम खर्चे का कारण है बहुत से व्यक्ति मिलकर एक फंड में निवेश करते हैं जिससे उस फंड को मैनेज करने का खर्चा सभी व्यक्तियों में विभाजित हो जाता है इसका दूसरा फायदा है
  2. कम पूजी सेविंग निवेश का विकल्प- अगर आपको सीधे स्टॉक मार्केट में निवेश करना है तो आपको अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी परंतु यदि आप बहुत कम पैसों से म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर सकते हैं। म्युचुअल फंड का सबसे बड़ा फायदा है कि आप इसमें मात्र 500 या 1000 रुपए से से भी एसआईपी की शुरुआत कर सकते हैं इसमें आपको इन्वेस्ट करने के लिए इंतजार नहीं करना होगा कि जब आपकी इनकम ज्यादा होगी तब आप इन्वेस्ट करेंगे।
  3. म्यूचुअल फंड में अच्छे रिटर्न और पावर आफ कंपाउंडिंग देखी जाती है।
  4. म्यूचुअल फंड से समय की बचत होती है यदि आप स्टॉक मार्केट में पैसा लगाते हैं तो आपको उसमें स्टॉक के बारे में पूरी जानकारी हासिल करनी होती है और उसके बार-बार देखना होता है। लेकिन मिशेल फंड में आप एक बार निवेश करते हैं तो आपको उसके लिए कोई समय नहीं देना होता है।
  5. सुरक्षित निवेश म्यूच्यूअल फंड और स्टॉक मार्केट का कंट्रोल सेबी होता है जैसे कि बैंकों का कंट्रोलर आरबीआई है। वैसे ही यहां पर से भी है सेबी के अंतर्गत सभी म्यूच्यूअल फंड पंजीकृत होते हैं सेबी इनके उपर कड़ा नियंत्रण रखता है एवं नियमों की पालना सुनिश्चित करता है।
  6. पैसा निकालने में आसानी कई बार ऐसा होता है कि हम तो कर देते हैं परंतु कुछ कारण से हमें पैसों की आवश्यकता पड़ जाती है और निवेश किया हुआ पैसा निकालने की आवश्यकता पड़ती है परंतु कई इन्वेस्टमेंट प्लान होता है जिस वजह से हम अपना पैसा वापस नहीं निकाल पाते के लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं है जिस दिन आप रिक्वेस्ट करके 2 से 4 दिन के भीतर पैसा आपके अकाउंट में आ जाता है।

म्यूचुअल फंड के नुकसान

दोस्तों अब बात करते हैं म्यूचुअल फंड के नुकसान के बारे में

  1. रिटर्न की अनिश्चितता- कई ऐसे इन्वेस्टमेंट प्लान है जिसमें फिक्स इंटरेस्ट रेट होता है जैसे कि पीपीएम फिक्स्ड डिपॉजिट पोस्ट ऑफिस सेविंग आदि परंतु म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न स्टॉक मार्केट से जुड़े होने के कारण हमेशा ऊपर नीचे रहते हैं और हमेशा high-risk बनी रहती है खासतौर पर शॉर्ट पीरियड में अगर आप म्यूचल फंड में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं तो आपको लंबे समय के लिए ही निवेश करना चाहिए होता है।
  2. म्यूचल फंड की लागत म्यूच्यूअल फंड की पोस्ट ग्रुप में एक्सपेंस रेशियो होता है जोकि बहुत कम होता है परंतु यह लंबे समय के लिए काफी ज्यादा अंतर पैदा कर देता है इसीलिए कभी भी किसी इन्वेस्टमेंट को करते समय उसके एक्सपेंस रेसियो और खर्चों के बारे में सही तरीके से जानकारी प्राप्त कर ले।
  3. लॉक इन पीरियड वैसे तो अधिकांश म्यूचल फंड में कोई लॉक इन पीरियड नहीं होता परंतु क्लोज एंडेड इसकी और इसमें लॉकिंग पीरियड होता है इसीलिए अपनी आवश्यकतानुसार सही म्यूच्यूअल फंड का चुनाव करें।
  4. म्यूच्यूअल फंड रिटर्न पर टैक्सकी मैच्योरिटी टैक्स फ्री होती है परंतु म्यूचल फंड के मामले में ऐसा नहीं है 1 वर्ष के भीतर बेचने पर आपको शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन देना होगा वहीं 1 वर्ष के बाद भेजने पर आपको शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है।

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कैसे करें

म्यूचुअल फंड में निवेश करना आसान हो गया है अब आप ऑनलाइन एक बार केवाईसी करके म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट कर सकते हैं।

  • म्यूच्यूअल फंड फंड में इन्वेस्टमेंट करने के लिए आपको किसी बैंक के माध्यम से कर सकते हैं।
  • डायरेक्ट AMC की वेबसाइट पर जाकर ईकवाईसी पूरा करके म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं।
  • किसी ब्रोकर या एजेंट का सहारा ले सकते हैं।
  • मोबाइल ऐप द्वारा भी म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट कर सकते हैं जैसे Groww App, Paytm Money, Mycams, Kuvera app.

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कहां करें ?

म्यूचुअल फंड कंपनी होती है जो ऐसेट मैनेजर होते हैं और आप मैचुअल फंड में पैसा ऐसेट मैनेजर को देते हो और आप जैसे बहुत सारे लोग अपना पैसा ऐसेट मैनेजर के पास डालते हैं तो वह सभी पैसे को कंपनी अलग-अलग जगह इन्वेस्ट करती है उन्होंने अपने एक्सपर्ट अप्वॉइंट किए होते हैं जो अपने एनालिसिस के आधार पर अलग-अलग जहां पर इन्वेस्ट करती है और वह सभी अलग-अलग इन्वेस्टमेंट से जो रिटर्न इंटरेस्ट मिलता है फायदा उसका कुछ परसेंट एसिड मैनेजर कंपनी रख लेती है और बाकी सारा पैसा आप लोगों को वापस मिल जाता है।

सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला म्यूच्यूअल फंड

म्यूच्यूअल फंड तीन या चार प्रकार के होते हैं कुछ होते हैं इक्विटी फंड और कुछ होते हैं डेट फंड और कुछ बैलेंस फंड होते हैं

  1. इक्विटी फंड वो होते हैं इन इक्विटी शेयर में इन्वेस्ट किया जाते हैं और हाई रिस्क वाले होते हैं जिसमें रिस्क ज्यादा होता है लेकिन जिस में रिस्क ज्यादा होता है उसमें प्रॉफिट कमाने की भी संभावना ज्यादा होती है तो बिना रिस्क लिए कुछ भी नहीं मिलता है।
  2. इक्विटी फंड्स में आपको रिस्क ज्यादा होता है लेकिन यदि आप डेट फंड में इन्वेस्ट करते हैं तो उसमें रिस्क फैक्टर कम होता है तो वहां पर आपको प्रॉफिट भी उसी हिसाब से कम होता है।
  3. तीसरा फंड बैलेंस फंड होता है इनमें आपका जो पैसा है उसका कुछ हिस्सा इक्विटी फंड में लगाया जाता है और कुछ पैसा डेट फंड्स में लगाया जाता है जिससे कि इसके और प्रॉफिट को बैलेंस कर दिया जाता है ताकि रिस्क भी कम रहे और प्रॉफिट भी आपको ठीक-ठाक मिल जाए तो आपके पास काफी ऑप्शन होते हैं आप इक्विटी फंड में लगाते हैं या डेट फंड में यदि आप मीडियम रिस्क को सुनना चाहते हैं तो आप बैलेंस फंड मैं इन्वेस्ट कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने से पहले जरूरी बातें

अगर आप नए हैं और आप सोच रहे हैं कि इन्वेस्ट करने के लिए स्टार्ट कैसे करें तो यहां पर आप एसआईपी प्लान को चुन सकते हैं और इसमें आप शुरुआत में ₹1000 इन्वेस्टमेंट करके कर सकते हैं और इसमें कोई ज्यादा नॉलेज की जरूरत नहीं है। आप इन्वेस्टमेंट करने से पहले कंपनी के बारे में अच्छे एनालिसिस कर ले। उसके बारे में पूरी हिस्ट्री देख ले। और इन्वेस्टमेंट करने से पहले उस कंपनी के बारे में पूछ भी सकते हैं कि जिस भी फंड में आप इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं उस फंड का गोल क्या है उसमें लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्टमेंट करना अच्छा रहेगा या नहीं। तो आप यह सब जानकारी अपनी कंपनी से इन्वेस्टमेंट करने से पहले ले सकते हैं।

इसके अलावा जो आपको जानकारी लेनी है कि आपको इस फंड में जिसमें आप इन्वेस्ट कर रहे हैं उसमें रिस्क फैक्टर कितना है और किसी भी फंड में इन्वेस्ट करने से पहले आप उस पर फंड की हिस्ट्री भी और पिछला रिकॉर्ड भी चेक कर सकते हैं और पिछले महीने या साल में कंपनी की ग्रोथ कितनी हुई है कितना प्रॉफिट हुआ है।

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