आईपीओ में इन्वेस्ट कैसे करें निवेश करने का सही तरीका क्या है ?

पिछली जानकारी में हमने आईपीओ के बारे में जाना आईपीओ क्या है आईपीओ में इन्वेस्ट करें या ना करें। तो आज की इस जानकारी में हम आईपीओ के कुछ अंदर की जानकारी के बारे में जानेंगे। जैसे आईपीओ में किस तरह के लोग इन्वेस्ट कर सकते हैं। आईपीओ में इन्वेस्ट कैसे करते हैं। और इस जानकारी में हम जिरोध काईट द्वारा आईपीओ में इन्वेस्ट कैसे किया जाता है इसके बारे में भी जानेंगे।

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आईपीओ में इन्वेस्ट कैसे करें How to Invest in IPO ?

दोस्तों आईपीओ में इन्वेस्ट करना आसान है। लेकिन आपको आईपीओ में इन्वेस्ट करने से पहले उसकी पूरी जानकारी उस कंपनी के बारे में पूरी जानकारी और आईपीओ के क्या नियम और शर्ते हैं इसके बारे में जानना बहुत जरूरी।

कौन से लोग आईपीओ में इन्वेस्ट कर सकते हैं (Which Type Investors invest in IPO) ?

चलिए बात कर लेते हैं कौन कौन से लोग हैं। जो आईपीओ इन्वेस्ट कर सकते हैं। आईपीओ में इन्वेस्टर के लिए तीन कैटेगरी बनाई गई है। जिसके अंतर्गत अलग-अलग तरह के इन्वेस्टरस आते हैं और जिसमें अलग-अलग कोटा रिजर्व भी होता है।

1.Retail Individual Invester (RII)

रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर आईपीओ के इस कैटेगरी में छोटे इन्वेस्टर आते हैं जैसे जो 2 लाख से कम निवेश करते हैं। कोई भी रिटेल इन्वेस्टर कम से कम 2 लाख ही आईपीओ में इन्वेस्ट कर सकता है। रिटेल इन्वेस्टर के लिए कम से कम 35% आईपीओ कोटा रिजर्व रहता है। मान लेते हैं कोई कंपनी 100 आईपीओ लेकर आती है तो उसमें से 35 आईपीओ ही रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर बुक कर सकते हैं।

2.Non institutional Investor (NII)

नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर आईपीओ के इस कैटेगरी में वे इनवेस्टर आते हैं जो 2 लाख से ऊपर आईपीओ में इनवेस्ट करना चाहते हैं। इसमें आईपीओ का कम से कम 15% कोटा रिजर्व रखा जाता है। और इस कैटेगरी में कोन कोन से लोग आते है।

  1. HNI-इसके अंतर्गत हाई नेटवर्क इंडिविजुअल, यदि कोई इन्वेस्टर 2 लाख से ज्यादा आईपीओ में इन्वेस्ट करना चाहता है तो वह एनआईआई कैटेगरी में आ जाता है।
  2. HUF
  3. Corporates

3. Qualified institutional buyers (QIB)

आईपीओ में इन्वेस्ट करने की तीसरी कैटेगरी होती है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर जिसके अंतर्गत बड़े-बड़े इन्वेस्टरस आते हैं। जैसे बैंक, म्युचुअल फंड, इंश्योरेंस कंपनी और भी कई बड़े इन्वेस्टर्स आते है। आईपीएल में QIB के लिए ज्यादा से ज्यादा 50 परसेंट का कोटा रिजर्व होता है।

  1. Bank
  2. Mutual fund
  3. Foreign institutional investor
  4. Insurance funds
  5. Pension funds provident
  6. Fund venture capital firms

आईपीओ में इन्वेस्ट करने से पहले जाने (Important Conditions)

1.Minimum Subscription– किसी भी कंपनी को एनएससी और बीएससी में लिस्ट होने के लिए कम से कम 90% आईपीओ अप्लाई होना जरूरी है। जब कोई कंपनी 10 करोड़ के शेयर लेकर आती है तो इस कंपनी के कम से कम 9 करोड़ के आईपीओ इन्वेस्टर द्वारा इन्वेस्ट होने जरूरी है नहीं तो वह आईपीओ इनकरेक्ट हो जाता है और इन्वेस्टर्स के पैसे वापस करने होते हैं। जिससे वह कंपनी एनएससी और बीएससी में लिस्ट नहीं हो पाती है।

2.Minimum Application-ऐसा नहीं है कि आप किसी कंपनी के आईपीओ में 1 या 2 शेयर खरीद सकते हैं कंपनी कहती है कि हम एक मिनिमम अमाउंट चाहते हैं जो भी इन्वेस्टर हमारी कंपनी में इन्वेस्ट करें यानी कि हम केवल सीरियस लोगों को ही अपने आईपीओ कंपनी में हिस्सा देंगे। जिसमें से सेबी के कुछ गाइडलाइंस भी हैं।

  • Value: गाइडलाइन के हिसाब से आप आईपीओ में कम से कम 10 से 15000 इन्वेस्ट कर सकते हैं। उदाहरण जैसे किसी कंपनी ने ₹250 का आईपीओ प्राइस रखा है और 1 लोट साइज 50 शेयर है तो कंपनी के आपको 250 रुपए के 50 शेयर कम से कम खरीदने होंगे। यदि आपको हमारे आईपीओ में इनवेस्ट करना है तो।

3.Bid Amount-जैसा कि हमने पहले ही बात कर लिया है मिनिमम बीड अमाउंट की कोई भी रिटेल इन्वेस्टर ज्यादा से ज्यादा 200000 इन्वेस्ट कर सकता है और यदि दो लाख से ज्यादा इन्वेस्ट करता है तो NII के फॉर्म में आ जाते हैं या फिर आपकी QIB के कटेगुरी में आ जाते हैं।

इसके अलावा कोई भी कंपनी का एम्पलाई ज्यादा से ज्यादा 500000 का शेयर खरीद सकता है उससे ज्यादा नहीं।

4.Bidding at Cap (Cut off) Price– कैपप्राइस एक आईपीओ का ज्यादा से ज्यादा प्राइस होता है। जिसमें आप इन्वेस्ट कर सकते हैं लेकिन इसमें केवल रिटेल इन्वेस्टर ही इन्वेस्ट कर सकते हैं इसमें QIB और NII इन्वेस्टर इन्वेस्ट नहीं कर सकते हैं।

5.Revise Bids Before Closing Date– यदि हम बात करें रिवाइज बीड्स कि तो इसमें रिटेल इन्वेस्टर अपने बीड रिवाइज कर सकता है। वो चाहे अपने इन्वेस्ट को कैंसिल या बंद भी कर सकता है लेकिन यह ऑप्शन QIB और NII के पास नहीं होता है।

6.Promoter Contribution– प्रमोटर कंट्रीब्यूशन की भी कुछ नियम रिक्वायरमेंट होती है। इसमें कम से कम 20% प्रमोटर इश्यू कैपिटल प्रमोटर के पास होना चाहिए। उदाहरण जैसे एबीसी एक आईपीओ है। जिसकी प्राइस टोटल वैल्यू 1 करोड़ है शेयर इश्यू करने के बाद तो ये जो प्रमोटर्स है इनके शेयर की वैल्यू दो करोड़ पर होनी चाहिए। और इन्हें कम से कम 20 परसेंट की कैपिटल 3 साल तक मेंटेन करने होती है।

7.Oversubscribe– ओवरसब्सक्राइब मतलब जितने शेयर कंपनी ला रही है। उससे ज्यादा बीड का सब्सक्राइब हो जाना। अगर किसी कंपनी के आईपीओ में रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए 1 लाख शेयर्स रिजर्व रखी हैं और उन्हें 1 लाख शेयर्स के लिए यदि दो लाख बीड्स यानी की 2 लाख आईपीओ अप्लाई हो जाते हैं तो हम उसे कहेंगे रिटेल कैटेगरी दोगुना यानी की ओवरसब्सक्राइब हुई है अगर उन 100000 शेयर्स के लिए 500000 बिट्स आती है तो हम कहेंगे रिटेल कैटेगरी 5 गुना ओवरसब्सक्राइब हो गई है। क्युकी इस कंपनी ने 1 करोड़ ही आईपीओ लॉन्च किया था लेकिन उसने इतने ज्यादा लोगों ने इन्वेस्ट कर दिया की उसका 5 करोड़ आईपीओ अप्लाई हो गया।

तो तो ऐसी कंडीशन आने पर बहुत से लोगों के आई टी ओ बुकिंग कैंसिल हो जाती है। ये कुछ कंडीशन ध्यान में रखना पड़ता है। किसी भी कंपनी को आईपीओ लाने से पहले और इन्वेस्टर को भी जाना जरूरी होता है।

आईपीओ में शेयर की बीड लगाने के कुछ ही दिन बाद शेयर की एलाउटमेंट प्रोसेस होती है। चलिए जान लेते हैं रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए शेयर कैसे अलॉट होते हैं।

आईपीओ में आप 1 या 2 शेयर्स नहीं खरीद सकते हैं। आईपीओ लाने वाली कंपनी एक अलॉट साइज डिसाइड करती है और आपको उस कंपनी के शेयर अलॉट में खरीदने होते हैं। उदाहरण मान लीजिए एबीसी कोई कंपनी है जो अपना अपना आईपीओ शेयर मार्केट में ला रही है ABC ने अपने एक शेयर की प्राइस ₹1000 रखी है। और लोट साइज 14 शेयर रखे हैं तो एक Lot की प्राइस ₹14000 होगी।

आईपीओ में इन्वेस्ट करने के लिए आपको कम से कम एक अलॉट बीड बुक करना होता है। यदि आप ABC के 18 लॉट से बीड लगाते हैं तो रिटेल इन्वेस्टर कहलाओगे और आपको रिटेल कैटेगरी से अप्लाई करना होगा। क्योंकि आपका अट्ठारह लॉट का इन्वेस्टमेंट 200000 से कम होगी और यदि आप 18 लॉट से ज्यादा बीड लगाते हो तो आप हाई नेटवर्क इन्वेस्टर्स कहलाओगे और आपको HNI कैटेगरी से अप्लाई करना होगा। क्योंकि जब आप 18 लॉट से ज्यादा बीड लगाते हो तो आपकी इन्वेस्टमेंट दो लाख से ज्यादा चली जाएगी।

आईपीओ अप्लाई करने से पहले जरूर जाने

  • जब आईपीओ में इन्वेस्ट कर देते हैं कोई गारंटी नहीं होती है कि हमें आईपीओ अलॉटमेंट हो जाएगी जब सब्सक्रिप्शन ज्यादा हो जाता है तो कुछ लोगों के आईपीओ अलॉट रिजेक्ट हो जाता है। क्योंकि ओवरसब्सक्रिप्शन हो जाने के बाद हर किसी को शेयर अलाउड नहीं हो पाता है।
  • इसके अलावा आईपीओ में इन्वेस्ट बीड अप्लाई लगाने से पहले आपको उस आईपीओ की प्राइस को देखना है। कि उसका प्राइस कितना है। ऐसा नहीं है कि आप केवल एक या दो शेयर कर सकते हैं। यहां पर आपकी एक मिनिमम एलॉटमेंट होती है।
  • जब किसी कंपनी के अंदर ओवरसब्सक्रिप्शन हो जाता है तो वैसे भी सब लोगों के शेयर मिलते नहीं है तो वहां पर लकी ड्रा हो जाता है।
  • इसके अलावा हमें आईपीओ बीड अप्लाई करने की तिथि और समय को ध्यान में रखना है कि आईपीओ को हम किस तिथि तक अलॉट बुक कर सकते हैं।

जीरोधा से IPO Apply के से करें

यदि आप जीरोधा काईट द्वारा ट्रेडिंग करते हैं तो आप बहुत आसान तरीके से आईपीओ को लौट कर सकते हैं।

  • तो सबसे पहले हमें जोरदार आइटम खोलना है यदि आप लैपटॉप एक कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप जोधा काइट में लॉगिन कर लेना है।
  • जीरोधा काईट में लॉगिन हो जाने के बाद आपको अकाउंट सेक्शन में जाना है। जैसा कि आप इमेज में देख सकते हैं अकाउंट सेक्शन में आपको आईपीओ का ऑप्शन मिल जाता है उस पर क्लिक कर देना है।

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  • जैसे ही आप आईपीओ पर क्लिक करते हैं यह आपके ब्राउज़र में ओपन होगा। जैसा कि आप नीचे इमेज मे देख सकते हैं। आपको जिरोधा कंसोल आईपीओ सेक्शन में आईपीओ ऑप्शन मिल जाती है। जिसमें सभी आईपीओ की लिस्ट मिल जाएगी।

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  • जो भी आईपीओ ओपन है उसे आप आईपीओ लिस्ट में देख सकते हैं अप्लाई का ऑप्शन भी दिख रहा होगा यदि आपको आईपीओ Buy करना है तो अप्लाई पर क्लिक करना है।

अप्लाई पर क्लिक करने के बाद आपको आईपीओ का पूरा डिटेल आपके सामने आ जाता है। किसी भी आईपीओ में इन्वेस्ट करने से पहले आपको उसके बारे में पूरी तरह से जानकारी लेना बहुत जरूरी है तो नीचे इमेज में दिखाएं अनुसार आईपीओ की डिटेल्स जान लेते है।

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  • Issue Open-आईपीओ किस दिनांक को स्टॉक एक्सचेंज में आया है उसकी तारीख यहां देख सकते हैं।
  • Issue End-आईपीओ किस दिनांक को प्लॉट होना बंद हो जाएगा उसकी तारीख यहां देख सकते हैं।
  • Issue Size-कंपनी कितने आईपीओ लांच की है उसकी संख्या यहां देख सकते हैं।
  • Issue Price-कंपनी आईपीओ की प्राइस क्या रखी है उसकी कीमत यहां देख सकते हैं। जब कंपनी पहली बार अपना आईपीओ लॉन्च करती है तो उसका एक अलग प्राइस तय करती है।
  • Minimum quantity-कंपनी के आईपीओ को कम से कम कितना संख्या में खरीद सकते हैं। उसकी संख्या यहां देख सकते हैं इससे कम नहीं बुक सकते हैं। जब कोई कंपनी आईपीओ लाती है तो वह यह तय करती है कि एक ट्रेडर्स उसके आईपीओ को कम से कम कितनी संख्या में खरीदें क्योंकि आईपीओ को एक या दो संख्या में नहीं खरीदा जा सकता जब यह बीएससी और एमएससी में लिस्ट हो जाता है तब उसे आप अपनी इच्छा अनुसार खरीद सकते हैं।

ऊपर आपने कंपनी के आईपीओ के बारे में जान लिया है। अब आगे आईपीओ को अप्लाई यानी की बुक और पेमेंट करने के बारे में जानेंगे।

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  • Payment-आईपीओ में इन्वेस्ट करने के लिए केवल एक ही पेमेंट ऑप्शन ब्याज आ गया है जिसमें आप अपना यूपीआई आईडी डाल कर उस आईपीओ के लिए पेमेंट कर सकते हैं।
  • Investor Type-इनवेस्टर टाइप में आपको Individual Invester सिलेक्ट करना है।
  • Quantity-अब आगे आपको क्वांटिटी डालना है कितनी क्वांटिटी में संख्या में आईपीओ लेना चाहते हैं।

आईपीओ डिटेल में आपको मिनिमम क्वांटिटी बताया गया होगा जैसे आप इमेज में देख सकते हैं इस आईपीओ कि कम से कम संख्या 3000 है 3000 से कम क्वांटिटी डालने पर आईपीओ डिक्लाइन हो जाएगा।

  • Cut off price– कट ऑफ प्राइस पर सिलेक्ट करने पर उस आईपीओ का जितना भी कटऑफ आएगा उस प्राइस में आपके लिए अलॉट हो जाएगा।
  • Price-प्राइस के सेक्शन में आप देख सकते हैं उस आईपी का कितना कीमत हो रहा है इसमें टोटल आईपीओ की कीमत दिखेगा।

जैसा कि हमने ऊपर देखा इसी तरह से आप कोई भी आईपीओ अलॉटमेंट कर सकते हैं। आने वाले दिन महीने साल में जब भी कोई आईपीओ आता है तो आपकी तरह उसे अलॉट कर सकते हैं।

Increase chance of allotment

अगर हम आईपीओ में इन्वेस्ट करते हैं तो अलॉटमेंट के चांस कैसे बढ़ा सकते हैं।

  • यदि आप थोड़े से ज्यादा इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं। तो यदि आप एक अलॉट से ज्यादा लेना चाहते हैं तो आप मल्टीपल अकाउंट से अप्लाई कीजिए यदि आपके रिलेटिव या फैमिली में किसी का डीमेट अकाउंट है तो आप उनकी भी अकाउंट से अलॉट अप्लाई करें जिसे आपके अलॉट बुक होने के चांस बढ़ जाते हैं। क्योंकि यह जो एलॉटमेंट होते हैं वह पैन के हिसाब से होते हैं आपके जो पैन नंबर है उसके हिसाब से आईपीओ अलॉट होते हैं।
  • अब हमें किस तरह के आईपीओ में इन्वेस्ट करना है वह भी ध्यान में देना है। जैसा कि हमें कट ऑफ प्राइस पर सिलेक्ट करना है या फिर जो भी फाइनल प्राइस डिसाइड होता है उस पर अप्लाई करना चाहिए।

तो आज की जानकारी में हमने आईपीओ में इन्वेस्ट करने की पूरी जानकारी जान ली है। यदि आपको किसी कंपनी के आईपीओ में इन्वेस्ट करना है तो आप उसे अपने ट्रेडिंग एप्लीकेशन में देख सकते हैं। पहले उस कंपनी के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर ले उसके बाद ही उसमें अप्लाई करें। और यदि आपको ट्रेडिंग के बारे में कुछ पूछना है यदि इस जानकारी से संबंधित कुछ आपके सवाल है तो हमें कमेंट करके बता सकते हैं या हमें ईमेल कर सकते हैं।

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